July 21, 2020

कोई रिज़ल्ट किसी के भविष्य की भविष्यवाणि नही कर सकता

By अभय रंजन

मेरा यह लेख उन तमाम विद्यार्थियों के लिए है जिनका विगत कुछ महीने में परिणाम घोषित हुआ है और वह अपेक्षा के अनुकूल नहीं रहा है

मुझे पूरा एहसास है कि आप इन दिनों बहुत ही ज्यादा मानसिक उत्पीड़न से गुजर रहे हैं, बात-बात पर आपके घरवाले रिजल्ट की दुहाई देते होंगे, आपको दूसरे से तुलना भी किया जा रहा होगा

अगर बिल्कुल साफ तरीके से बोलूं तो आप के साथ दुर्व्यवहार किया जा रहा है

मैं इसको दुर्व्यवहार इसलिए बोल रहा हूं इसे क्योंकि यह भी हमारे समाज की कुरीतियों की तरह है

अगर आप के प्रति यही विचार पहले प्रकट कर दी जाती, आपको विश्वास के साथ पूरी तरीके से आगे बढ़ने में मदद की जाती तो शायद यह दिन देखने को नहीं मिलता

लेकिन असल में चीज क्या है कि हमारे समाज में पढ़ाई तो सिर्फ रिजल्ट से ही नापा जाता है

आप रिजल्ट अच्छा लाए तो पढ़ने में सही है, आप आगे बढ़ेंगे

अगर आप का रिजल्ट खराब है तो आपका कुछ होने वाला नहीं है

देखिए, पढ़ाई करके अच्छे नंबर लाना बहुत अच्छी बात है, यह तो होना ही चाहिए

लेकिन मैं उन् लोगो का मनोबल बढ़ाना चाह रहा हूँ जो अभी अवसाद में जी रहे है, अपने ख़राब रिजल्ट के कारण

मेरा यह लेख उन लोगों के लिए है जो अभी किसी कारण अच्छा नहीं कर पाये लेकिन आगे तकदीर और तस्वीर बदलने की कूबत रखते हो

जिनको अभी कोई यह नहीं बोल रहा है कि कोई बात नहीं बेटा, हम आगे  कुछ अच्छा कर लेंगे

उनको यह बात नहीं बताई जा रही है कि यह रिजल्ट किसी की जिंदगी निर्धारित नहीं करता,

इसके अलावा भी बहुत चीज है करने के लिए

आप लोगों के साथ खुद के साथ बीती हुई घटना शेयर कर रहा हूं

जब मैं बारहवीं में था तो उस साल बिहार का ही एक विद्यार्थी आईआईटी में टॉप किया था

अब पूरा मीडिया-अखबार मैं उसी का इंटरव्यू छपा हुआ था सब लोग उसी की बात कर रहे थे, मेरे घर में भी उसी की चर्चा थी, मुझे पेपर दिखा कर उसके बारे में बताया जा रहा था

आपको जरा भी अंदाजा नहीं है कि उस समय में कितना मानसिक उत्पीड़न से गुजर रहा था, मुझे यह सब इसलिए बताया जा रहा था कि कि मेरा आईआईटी में नंबर नहीं आया था

मैं दावा के साथ कहता हूं कि यह हर घर की कहानी बनती है

लेकिन मैं आज इसके आगे की कहानी सुनाना चाहता हूं

आज मैं उस आईआईटी टॉपर का नाम गूगल पर सर्च रहा था तो उसके बारे में मुझे कोई जानकारी नहीं मिली, हो सकता है अमेरिका-इंग्लैंड की किसी कंपनी में काम कर रहा होगा

लेकिन ना तो वह देश का प्रधानमंत्री बना

ना तो वह समाज के लिए कोई उत्कृष्ट काम किया जिसके कारण उसके नाम का सड़क बना हो

और ना ही 2-4 गांव गोद लेकर उन का भरण पोषण कर रहा है

आज उससे ज्यादा उपलब्धि तो मेरी हो गई, कम से कम 200+ युवाओं को स्किल्ड करके रोजगार दिलाया और हर रोज हजारों नवयुवक को अपने विचार से आगे बढ़ने के लिए प्रेरित कर रहा हूं

इस कहानी को इसलिए लोगों के बीच में ला रहा हूं क्योंकि इस पर अमल होनी चाहिए

कोई रिज़ल्ट किसी के भविष्य की भविष्यवाणि नही कर सकता

हर बच्चे की अपनी प्रतिभा होती है, अभिभावक को चाहिए कि अपने बच्चों की प्रतिभा के अनुकूल ही पढ़ाई कराएं

अगर फिर भी किसी कारण बस वह उसमें सफल नहीं हो पाता है तो उसको प्रोत्साहित करें, ना कि उसे ताना मार कर भला-बुरा बोलें

और कृपया करके सफलता को पढ़ाई से मापना बंद कर दें, इसके अलावा भी बहुत सारा विकल्प है

अगर पढ़ाई से ही सफलता प्राप्त कराना चाहते हैं तो उसके साथ लगिए

उसको समझने की कोशिश कीजिए

सिर्फ रिजल्ट के दिन प्रकट मत हो जाइए

साल भर भी पढ़ाई का हालचाल लिया करें,  कभी उसके बगल में बैठ कर पढ़ाई लिखाई पर खुलकर बात कर लिया करें

नहीं तो गलत तरीके से गलत उम्मीद हमेशा गलत परिणाम ही देती है

अपनी पढ़ाई में अच्छा न कर पाने का मलाल अपने बच्चों के माथे मत जड़े

बच्चे को प्रेरित करें, प्रोत्साहित करें

अभी तो उसे जीवन के असली परीक्षा देना बाकी है

अभी के लिए इतना ही

बने रहिए